भाविन भाई का दर्दभरा इतिहास।
प्रस्तुत है U-Turn Series का Episode 02
Episode 01 में हमने देखा था कि किस तरह भाविन भाई अरिहंतधाम में उपधान करने पहुंचे और कैसे उन्होंने अपनी भव आलोचना दी यानी Confession किया।
भाविन भाई ने अपनी पूरी Life story महात्मा को बताई, उसमें से जितना बताने जैसा है, जिससे कईयों का जीवन सुधर सकता है, वह सब कुछ पूज्य गुणहंस विजयजी महाराज साहेब ने इस U-Turn पुस्तक में लिखी है।
Easy Money का Trap
भाविन भाई का जन्म मुंबई में हुआ था, 25 साल तक मुंबई के डोम्बिवली में ही रहे। 18 साल की उम्र तक पढ़ाई पर अच्छा Focus था और इसलिए C A की Entrance Exam भी उन्होंने Pass कर दी थी। सब अच्छा चल रहा था लेकिन Easy Money के चक्कर में भाविन भाई फंस गए।
उन्होंने एक Marketing Company का Plan सुना तो उन्हें लगा कि इसमें जल्दी से पैसा कमा लेंगे.. इसके साथ साथ एक और चक्कर में फंसे, उस चक्कर का नाम है शेयरबाज़ार। इन्हें लगा पैसा क्या चीज़ है चुटकी बजाएंगे और सीधे 100 रुपये के एक लाख रुपये हो जाएंगे।
21 दिन में पैसा Double हो ना हो Problems ज़रूर Double हो जाती है।
भाविन भाई को लगा कि कौन फालतू में इतनी मेहनत करके पढ़ाई वगैरह करें इसलिए उन्होंने शेयरबाज़ार के द्वारा कमाने के लिए अपने पिता से पैसे मांगे। इनके पिताजी नीति के धन में मानते हैं, मेहनत करने में मानते हैं लेकिन उन्होंने लंबा सोचे बिना अपने बेटे की हाँ में हाँ मिला दी।
इन्होंने इनकी FD यानी Fixed Deposit तोड़ दी और वो पैसे डाल दिए शेयरबाज़ार में। शुरू शुरू में थोड़े पैसे कमाए, इसलिए उत्साह बढ़ा, मन भी इसमें ही लग गया था तो पढ़ाई में मन लगना बंद हो गया, इसलिए College के दूसरे साल में वे Fail हो गए।
दूसरी तरफ 2008 में पूरे विश्व में मंदी का वातावरण फैला हुआ था। इस मंदी में शेयरमार्किट की कमर टूट गई थी, जो भी Invest किया था उसके भाव बुरी तरह से गिर गए, बहुत बड़ा नुकसान हो गया। FD के पैसे साफ़ हो गए।
2009 तक इस तरह से चलता रहा, परेशानी के चलते भाविन भाई ने College भी छोड़ दी और CA की पढ़ाई भी। बड़े बुज़ुर्ग कहकर गए हैं कभी भी पूरी धनराशि एक जगह पर नहीं लगानी चाहिए.. खैर।
MCX में डूबे पैसे
भाविन भाई इनके माता-पिता के इकलौते बेटे थे, खुद के कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ तो थोड़े गंभीर बन गए थे, 2009 में एक नौकरी ढूंढी लेकिन Problem यह थी कि Easy Money वाले रास्ते पर एक बार चलने के बाद ये रोज़ की 10 घंटे की मेहनत दुःख रूप लग रही थी।
2010 में फिर से कोई Marketing Company के चक्कर में नौकरी छोड़ दी और उस Company का प्रचार करके लोगों को उस Company में पैसे Invest करने को कहा। Company की तरफ से जो वादे किए गए थे वो कभी पूरे हुए नहीं इसलिए इसमें भी नुकसान हुआ।
लोगों ने तो भाविन भाई को पकड़ा कि ‘तेरे चक्कर में हमारे पैसे गए, हमारा Company से कोई लेना देना नहीं है, हमने तो तेरे भरोसे पैसे दिए थे, हमारे पैसे वापस दे।’ लोगों के साथ संबंध बिगड़ने लगे।
अब नई नौकरी करके सही रास्ते पर आ सकते थे लेकिन ये एक और नई Company में Marketing के लिए जुड़ गए। फिर ठोकर खाई, फिर से नई Company! खुद का तो नुकसान किया लेकिन दूसरों को भी सपने दिखाकर उनका भी नुकसान करवाया। कई लोग इनके कारण से भटक गए और परेशान हो गए।
एक लालची को दूसरा लालची मिल ही जाता है।
2011 में भाविन भाई ने एक व्यक्ति के साथ Partnership में Foreign Exchange में Trading शुरू की और लोगों को सपने दिखाने शुरू किए कि एक से डेढ़ साल में पैसे Double हो जाएंगे। इनके जैसी Shortcut वाली सोच रखने वाले लोग इनको मिलते गए।
पहले अच्छा प्रॉफिट हुआ लेकिन फिर 3-4 महीने के बाद नुकसान होना शुरू हो गया। 2011 के अंत तक लगभग 7-8 लाख रुपयों का नुकसान कर दिया। इनका Partner समझदार निकला, यह लाइन तुरंत छोड़ दी लेकिन भाविन भाई कुदरत का इशारा समझ नहीं पाए।
अब भाविन भाई की Entry हुई MCX में। MCX के लिए पास में पैसे तो थे नहीं तो लाना कहाँ से? एक रास्ता सूझा। पिता प्रफुलभाई और माता दक्षबेन से बात की और कहा कि ‘आपके पास दो घर है, दो घर की ज़रूरत नहीं है, एक घर बेच देते हैं और वो पैसे MCX में लगा देते हैं, उसके बाद थोड़े ही समय में मैं फिर से कमा लूँगा।’
माता-पिता शुरुआत में तो नहीं माने लेकिन बेटे भाविन का Confidence देखकर उन्होंने हाँ कर दी और वह घर बेच दिया। वह सारे पैसे MCX में डाल दिए और तीन महीने में ही सारे पैसे डूब गए।
अब? अब तो कोई भी रुक जाएगा.. Right?
Wrong!
Police Raid
हारा हुआ जुआरी दुगना खेलता है। अब भाविन भाई मार्किट से व्यापार के नाम पर पैसे उधार लेने लगे और बहुत ही High Interest Rates पर। इसकी टोपी उसके सर करते गए। इस तरह से समय बीतता गया।
2012 में डब्बा ट्रेडिंग नाम की कोई लाइन में घुसे, लेकिन वहां भी मार खाई। अब भाविन भाई को किसी भी तरीके से पैसे चाहिए थे तो अब वे Online Emails के द्वारा नए नए Plans बनाकर Investment के लिए Offers देने लगे कि कोई मेरा प्लान देखकर पैसे देने को तैयार हो जाए।
उस समय में ऐसे Cheating के Cases बहुत बढ़ गए थे, लेकिन किसी ने भाविन भाई को Phone किया और कहा कि आपका प्लान हमने देखा है, इसलिए हम पैसे देने को तैयार है, 8% Interest Rate के हिसाब से आपको रकम देंगे, एक बार मीटिंग कर लेते हैं, आप Agreement वगैरह लेकर आओ।
एक जगह तय की और Meeting हुई। यह Meeting आनेवाले एक बड़े तूफ़ान की दस्तक थी। दरअसल इस Meeting में सामनेवाले कोई व्यापारी नहीं बल्कि पुलिसवाले थे। अचानक पुलिस ने Raid की।
उन्होंने पूरी जानकारी ली और पकड़ लिया और कह दिया कि ‘तुझे मुक्त होना हो, तो 1,40,000 भरने पड़ेंगे। अगर पैसे नहीं दिए तो जेल में बंद होना पड़ेगा।’ भाविन भाई घबरा गए क्योंकि इज्जत तो जाएगी जाएगी लेकिन परेशानी होगी वह अलग और मारेंगे वो अलग।
भाविन भाई ने माता-पिता को बताया और कहा कि ‘मैं फंस गया हूँ, Please, मुझे छुडवाओ।’ Already घर में तंगी चल रही थी लेकिन पुलिस की मार खाने की भाविन भाई की ताकत नहीं थी। इस बार माँ ने सहायता की, खुद के पीहर बात करके, जैसे तैसे 1,40,000 रुपये इकट्ठा किए और पैसे देकर भाविन भाई को वहां से निकलवाया।
भाविन भाई के माता-पिता ने इस बार भी कोई डांट फटकारी नहीं, कोई थप्पड़ मारी नहीं। बस सिर्फ प्रेम से इतना ही कहा कि ‘बेटे अब कोई गलत काम मत करना, हम सूखी रोटी भी खाकर जी लेंगे।’
इस Situation में भी भाविन भाई सुन लेते तो शांति से जी सकते थे, हाँ जिनके पैसे बाकी थे उन्हें कह सकते थे कि ‘मैंने बहुत गलत काम किए हैं अब से इमानदारी से मेहनत करके आपके सभी के पैसे चुका दूंगा।’
थोड़ी गालियाँ डांट वगैरह सुननी पड़ती लेकिन जीवन कम से कम शांति से चल ही जाता। लेकिन भाविन भाई ने उन सभी लोगों से झूठ बोलना शुरू कर दिया कि इधर अटक गए हैं, पैसे आने ही वाले हैं, इस तारिख को दे दूंगा Etc etc..
IPL का सट्टा
इस तरह से समय बीतता गया और माता पिता को लगा कि अब कम से कम बेटा सुधर गया है। लेकिन एक और बड़ा तूफ़ान आने वाला था।
April 2013 में भाविन भाई ने एक नए महापाप की शुरुआत की-IPL का सट्टा। सट्टेबाजी जिसमें लाखों करोड़ों लोग डूब चुके हैं उसमें भाविन भाई का भी नंबर लगा। इसमें भी जो पैसे डाले सब के सब डूब गए।
आखिरकार दूसरा घर भी बेचने का निर्णय लिया क्योंकि अब लोग घर आ आकर धमकी देने लगे थे इससे माता-पिता Mentally Torture हो गए थे। December 2013 में इन्होंने जो एक घर बचा था वह भी बेच दिया।
Already इतने सारे लोगों के पैसे बाकी, अब नए घर में जाएंगे तो किराया, घर खर्च और हर महीने का जो ब्याज लग रहा था वह अलग। ले देकर अब हाथ में सिर्फ 5 लाख रुपये थे, उसमें से भी थोड़े पैसे खर्च हो गए थे।
भाविन भाई ने अपने माता-पिता और दादी को रोते हुए समझाया कि ‘अब अगर यहाँ रहेंगे तो ये लोग मुझे मार डालेंगे, हाथ-पैर तो तोड़ ही डालेंगे इसलिए यह स्थान छोड़कर कही चले जाते हैं।’
इतने साल से जहाँ रह रहे थे वो स्थान छोड़कर नई जगह पर जाना, कहाँ रहेंगे? क्या खाएंगे? क्या कमाएंगे? कौन मदद करेगा? सब कुछ बहुत Impossible लग रहा था। पिता की उम्र 52, माँ की 50, दादी की 70..
भयानक निर्णय
अब भाविन भाई को Guilt Feel होने लगा कि माता पिता ने जीवन में करोड़ों रुपये तो नहीं कमाए लेकिन मेहनत करके शांति से जी सके ऐसा जीवन जी रहे थे, कम से कम गलत काम तो नहीं किए, कम से कम लोगों के पैसे तो नहीं खाए, लोगों की हाय तो नहीं ली।
चारों ने एक भयानक निर्णय लिया। भाविन भाई ने कहा कि ‘शंखेश्वर चलते हैं, कोई व्यवस्था हो तो ठीक है, वरना मैं आत्महत्या करूँगा।’
जी हाँ सही सुना आपने.. The End!
भाविन भाई ने सोचा कि ‘कम से कम मेरी मृत्यु के बाद मेरे माता-पिता को तो कोई परेशान नहीं करेगा और बचे हुए पैसों से वे ज़िन्दगी पूरी कर लेंगे।’
भाविन भाई यह कदम उठाते, उससे पहले एक चमत्कार हुआ।
जानेंगे हम Episode 03 में!
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