Just Shankheshwar Prabhu’s Name And Everything Changed | U-Turn Episode 03

जीवन अंत करने जा रहे थे लेकिन तब हुआ ये चमत्कार

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By Jain Media 51 Views 14 Min Read

प्रस्तुत है U-Turn Series का Episode 03

भाविन भाई ने शंखेश्वर जाकर जीवन अंत करने का निर्णय ले लिया था। इतना हमने U-Turn Series के Episode 02 में देखा। इनकी पूरी Life Story आप U-Turn पुस्तक प्राप्त कर पढ़ सकते हैं। 

शंखेश्वर पार्श्वनाथ प्रभु का चमत्कार

निर्णय एकदम पक्का था लेकिन ऐसा कुछ हो उससे पहले ही एक चमत्कार हुआ। इस निर्णय के दो दिन में ही भाविन भाई के फूफाजी उनके घर पर आए जहाँ वे Temporarily Shift हुए थे। उन्हें भाविन भाई के निर्णय के अलावा बाकी सब बातों के बारे में सब पता था। 

भाविन भाई ने फूफाजी को शंखेश्वर जाकर Life End करने वाला निर्णय बता दिया। उन्हें दया आई तो उन्होंने कहा कि ‘आप चिंता मत करो, मैं आपकी कुछ व्यवस्था करता हूँ।’ भाविन भाई को लगा कि हमारी रक्षा के लिए शंखेश्वर पार्श्वनाथ प्रभु ने ही उन्हें भेजा है। 

जीवन में पहली बार प्रभु पर श्रद्धा प्रगट हुई। 

फूफाजी CA थे, तुरंत 4-5 जगह फ़ोन लगाए और South India के एक शहर में उनके एक मित्र अपनी Factory में नौकरी पर रखने के लिए तैयार हो गए। फूफाजी ने कहा कि ‘वहां पर तेरे लिए किराए का घर भी Ready है, तू अब परिवार के साथ वहां चला जा। 

यहाँ जीना आप लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है, उधर कोई परेशान नहीं करेगा और हाँ, अब वापस ऐसी कोई भूल मत करना, वरना मुझे मेरे मित्र को जवाब देना भारी पड़ेगा और आप चारों की ज़िन्दगी मुश्किल में आ जाएगी, बस अब जो मिले उसमें संतोष मानकर जीना।’

भाविन भाई के दिल में पैसे नहीं चुकाने की ख़राब नियत नहीं थी लेकिन उनके पास दूसरा कोई उपाय ही नहीं था। अब सब अच्छा हो जाएगा इस उम्मीद से एक नई शुरुआत करने की सोची लेकिन किसे पता था एक भयानक भविष्य मुंह फाड़कर आगे खड़ा था। 

11th March 2014 को सुबह के चार बजे भाविन भाई का परिवार घर को आखरी बार देखकर, आंखों में आंसुओं के साथ भाग गया। 

जी हाँ, भाग गया.. 

क्योंकि सबको कहकर जाना तो Possible ही नहीं था। भाविन भाई की रक्षा करने के लिए उनकी माताजी ने अपना मंगलसूत्र भी 2013 में गिरवी रख दिया था, उस मंगलसूत्र को भी छुडवा नहीं सके। 

2010 से 2014 तक जिन जिन लोगों ने भाविन भाई पर भरोसा किया उन सभी को धोखा ही मिला था। साथ ही परिवार की जमापूंजी, 2 घर, सोना, मन की शांति सब कुछ नष्ट हो गया। अब तक मुंबई में भाविन भाई के सर पर 35 लाख रुपयों का कर्जा सर पर था। 

March 2014 में दक्षिण भारत के एक शहर में Shift हुए। नौकरी भी मिली, रहने के लिए घर भी मिल गया, पढ़े लिखे थे तो मान-सम्मान भी मिला। इस Company में Dispatch का Department भाविन भाई देख रहे थे और अब Salary थी Rs. 60000 Per Month। 

सट्टे का व्यसन

लेकिन सट्टा जुआ यह सब ऐसा व्यसन है कि एक बार आदमी इसका Taste कर ले तो आसानी से छोड़ नहीं पाता। इतनी मार खाने के बाद भी कोई फिर से गलत काम तो नहीं ही करेगा ना लेकिन ऐसा नहीं है। सट्टा चीज़ ही ऐसी है। 

भाविन भाई की बुद्धि फिर से उलटी चलने लगी। August 2014 में वहां पर किसी से एक लाख रुपयों का Loan लिया और Trading शुरू की। सभी को पता ही है मुश्किल से 10-15% लोग कमाते हैं और 80-90% गंवाते हैं। January 2016 तक वो एक लाख रुपये साफ़ हो गए। 

इतना ही नहीं, इसके साथ इन्होंने जो मेहनत कर करके अलग से 60 हज़ार रुपये बचाए थे वे भी राख हो गए। मेहनत करके अच्छी Growth मिल रही थी लेकिन Shortcut के चक्कर में फंसते जा रहे थे। 

इतनी मार खाने के बाद भी रुके नहीं, May 2016 में बैंक से 1.5 Lakh का Loan लिया और सभी पैसे Share Market और MCX में फिर से डाले। January 2017 तक यह पैसे भी साफ़ हो गए। 

अब निर्णय किया कि ‘यह लाइन मेरे लिए है ही नहीं, मुझे मेहनत ही करनी होगी।’ और फिर पूरी लगन और मेहनत के साथ काम करने लगे। 2019 तक इस तरह से चलता रहा और अब Financial Condition भी अच्छी होती जा रही थी। 

लेकिन फिर से Share Market की ओर मुड गए। माँ को इस बात की गंध तो आ गई तो उन्होंने कहा कि ‘हमने इतनी मार खाई है, अब इस चक्कर में नहीं जाना है, इस उम्र में मेरी बिलकुल ताकत नहीं है।’ 

लेकिन भाविन भाई ने झूठ बोलकर फिर से बैंक से लोन लिया यह कहकर कि डोम्बिवली के लोगों को पैसे देने हैं, उसके लिए Loan लिया है और बैंक मेरी सैलरी से पैसे काटती जाएगी इसलिए कोई नया बोझ नहीं गिरेगा। लेकिन 2019 तक वो पैसे भी साफ़ हो गए। 

2020 में उधर ही एक और व्यक्ति से गलत कारण बताकर 2 लाख फिर से उधार लिए वो भी साफ़। इस तरह से January 2022 तक भाविन भाई के सर पर लगभग 11 लाख का कर्ज चढ़ गया। 

अब जिस जिसके भी पैसे थे वे ब्याज नहीं बल्कि मूल रकम मांग रहे थे तो अब जवाब देना मुश्किल हो रहा था, इसी बीच किसी गलत व्यक्ति के संगत में आए तो उस व्यक्ति ने Company में Financial Fraud करने की सलाह दी। 

भाविन भाई ने यह नहीं सोचा कि Fraud में Temporary शांति ज़रूर मिलेगी लेकिन Long Term अशांति आएगी उसका क्या? एक तरफ यह Fraud किया और दूसरी तरफ एक और बड़ी गड़बड़। 

Fraud में फंसे

दरअसल भाविन भाई का Bank Record अब ख़राब था तो Loan तो अब मिलनेवाला नहीं था इसलिए अब उन्होंने अपने नीचे काम कर रहे छोटे छोटे कर्मचारियों को लालच देना शुरू किया। उन्होंने कभी लोन नहीं लिया था तो उनका Record एकदम Clear था तो Loan मिलना एकदम सरल था। 

इस तरह से कर्मचारियों के Accounts का उपयोग करके 5 लाख और 70 हज़ार का लोन लिया। इसमें से कुछ रुपये जिनको पहले चुकाने थे उनको दे दिए और फिर बाकी का डाला फिर से Share Market में। कुछ ही समय में सब कुछ साफ़ हो गया। 

इस तरह से नए नए व्यक्ति को पकड़ते रहे, लालच देकर उनके नाम से Loan लेते और डालते Share Market में और साफ़ करते। आज की दुनिया में कईयों को Shortcut Money चाहिए तो कोई न कोई इन्हें मिल ही जाता। 

इस बीच वह Financial Fraud सामने आया। भाविन भाई पकडे गए। कंपनी के मालिक को बहुत दुःख हुआ लेकिन इस बार भाविन भाई ने हाथ पैर जोड़कर विनंती की कि अब से कोई गड़बड़ नहीं होगी और 3 महीने का समय माँगा। सेठ भी मान गए और नौकरी से नहीं निकाला।

हमें शायद ऐसा लग रहा होगा कि भाई इतनी गलतियों के बाद तो शैतान से शैतान आदमी भी सुधर जाता है। लेकिन भाविन भाई की विनाश काले विपरीत बुद्धि चल रही थी। Staff के और दो लोगों को उल्लू बनाकर Bank Loan निकलवाया। 

July 2022 में मटका ट्रेडिंग नामक दलदल में प्रवेश किया। यह भी एक सट्टे जैसा ही खेल है। अब पूरी Salary Interest चुकाने में जा रही थी लेकिन फिर भी सुधरे नहीं। 

अब एक नए जाल में फंसे, एक से उधार लेते दूसरे को चुकाते। तीसरे से उधार लेते दूसरे को चुकाते। इस दौरान बैंक का Record थोडा ठीक हो गया था। 

इस बीच जिस व्यक्ति ने Financial Fraud करना सिखाया था उसने भाविन भाई को कहा कि मुझे Car लेनी है तो तू तेरे नाम से Car Loan लेकर मुझे दे दे, मैं बाद में चुका दूंगा। उसने 3-4 महीने तो किश्त बराबर भर ली लेकिन फिर गड़बड़ शुरू कर दी। 

Loan भाविन भाई के नाम से था तो Loan देनेवाला तो इनके पीछे ही आनेवाला था। अगर इस बार कंपनी में फिर से कोई पैसे मांगने के लिए आया तो नौकरी चली जाएगी यह सोचकर भाविन भाई इसकी टोपी उसके सर करते गए। इधर से पैसे लेते उधर चुकाते। जैसे तैसे गाडी चलाते रहे। 

भाविन भाई के पापकर्म इतने भारी थे कि अब एक बिल्डर संपर्क में आया, उसने भाविन भाई के साथ Fraud करके भाविन भाई के नाम से 7 लाख रुपये Home Loan ले लिए जो भाविन भाई को मिले ही नहीं। दूसरी तरफ May 2023 में एक दूसरे बैंक से फिर से 5 लाख रुपये Loan लिए। 

इस बीच अहंकार के चलते कि पैसे कमाना अब आराम से देख लूँगा मुझे नौकरी की ज़रूरत नहीं है ऐसा सोचकर अपने ही सेठ के साथ झगडा करके एक झटके में नौकरी छोड़ दी। यह वही सेठ जिसने भाविन भाई को आत्महत्या से बचाया था लेकिन भाविन भाई उनका उपकार भूल गए थे। 

Trading में गंवाए पैसे

August 2023 उसी कंपनी के माध्यम से संपर्क में आने वाले चार लोग भाविन भाई के पास आए और कहा कि हम सब साथ मिलकर Share Market में Trading शुरू करते हैं। इन सभी ने Market से जैसे तैसे झूठ वगैरह बोलकर 15 लाख रुपये उठाए। 

ये चार लोग लालची थे जिन्होंने सोचा कि भाविन भाई का Experience खतरनाक है हम सब कमाएंगे। भाविन भाई ने बड़े बड़े Risk लेने शुरू किए और इन लोगों को घुमाना शुरू किया कि थोडा बहुत Profit हुआ है लेकिन थोडा Wait करना पड़ेगा। 

बहाना बनाकर इनके पैसे खुद के Account में Transfer करवाए और खुद के ऊपर जो कर्ज था उनकी किश्त इनके पैसों से भर दी। लालची को लालची मिल ही जाते है और लालची को लालची फंसाता ही है। 

भाविन भाई के खतरनाक Experience के चलते इन्होंने 10 लाख रुपये साफ़ कर दिए और November 2023 में यह भांडा फूट गया। इन चार में से एक Police Department में Home Guard था और उसकी पहचान अच्छे लोगों के साथ थी तो उसने Pressure बनाना शुरू कर दिया। 

भाविन भाई ने बचने के लिए 10th November की Date डालकर सभी को Cheque दे दिए और कह दिया कि इस डेट के बाद डालना वरना Pass नहीं होगा। अब उन्होंने सोचा कि भाविन भाई 10th November तक कोई जुगाड़ तो कर ही लेंगे। 

लेकिन इधर भाविन भाई को पता था कि अब तो किश्त भरनी है, पैसे देने हैं, लोन वाले भी पीछे पड़े हैं, जिस जिस बैंक से लोन लिया वो भी पीछे पड़े हैं, और अब इनको चेक दे दिए हैं तो ये भी पीछे पड़ेंगे। 

अब अंत में भाविन भाई ने फिर से वही निर्णय लिया। 

आत्महत्या… 

Life को The End कर देते हैं। हमें लगेगा कि भाई इतने समय तक इनके माता-पिता ने कुछ किया क्यों नहीं। दो लगाईं होती तो सब ठीक हो जाता। 

बात सही है लेकिन इतने समय तक माता-पिता भाविन भाई की गतिविधियों को देखते रहे और जो जो बहाने भाविन भाई देते रहे उन पर विश्वास करते रहे। भाविन भाई के माता-पिता बहुत ही सरल स्वभाव के हैं। 

इस बार भाविन भाई ने अपना जीवन अंत करने का फैसला सुनाया तो माता-पिता को झटका तो लगा लेकिन इतना आश्चर्य नहीं हुआ। इस फैसले में भी भाविन भाई ने अपने माता-पिता को Convince कर दिया। 

अंत में दिल पर पत्थर रखकर भाविन भाई के माता-पिता ने अनुमति दे दी कि ‘बेटा अब कोई दूसरा रास्ता नहीं है तो फिर तुझे जैसा ठीक लगे वैसा कर।’

क्या भाविन भाई के जीवन का अंत होगा या नई शुरुआत होगी।
जानेंगे Episode 04 में।  

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